पात्रता
- निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरान्त कम से कम 01 वर्ष (365 दिन) बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर ली गयी हो।
- मातृत्व एवं शिशु योजना का हितलाभ श्रमिक के प्रथम दो प्रसवों तक सीमित।
- मातृत्व हितलाभ महिला श्रमिक की दशा में संस्थागत प्रसव में ही देय।
- बालिका मदद योजना का लाभ पहली कन्या सन्तान एवं दूसरी सन्तान भी बालिका होने पर हितलाभ देय। निःसन्तान दमपत्ति में कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका को भी देय।
आवश्यक अभिलेख
- अद्यतन पंजीयन
- राजकीय अस्पताल में संस्थागत प्रसव/गर्भपात/नसबन्दी होने सम्बन्धी प्रमाण-पत्र
- आन-लाइन जारी जन्म प्रमाण-पत्र
- वैधानिक गोदनामा
- परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति
देय हितलाभ
- मातृत्व हितलाभ में पंजीकृत पुरूष कामगारों को रू0- 6,000/- एकमुश्त देय।
- महिला कर्मकार को संस्थागत प्रसव की स्थिति में 3 माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि तथा रू. 1,000/- चिकित्सा बोनस के रूप में देय होगा।
- महिला श्रमिक को गर्भपात होने की दशा में 06 सप्ताह के समतुल्य तथा नसबन्दी कराये जाने पर 02 सप्ताह के समतुल्य न्यूनतम वेतन।
- शिशु के पुत्र होने की दशा में एकमुश्त रू0 20,000 तथा पुत्री होने पर रू0 25,000 प्रति शिशु की दर से देय होगा।
- परिवार में पहली सन्तान बालिका होने अथवा दूसरी सन्तान के भी बालिका होने की दशा अथवा कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका की दशा में रू0 25,000 की सावधि जमा। जन्म से दिव्याॅंग बालिका की दशा में रू0 50,000 की सावधि जमा। परिपक्वता राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की दशा में ही देय होगी। शर्त पूर्ण न होने पर कोई भी राशि देय नहीं।
पात्रता
- बोर्ड में पंजीकृत एवं अद्यतन रूप से सक्रिय हो।
- निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरान्त कम से कम 01 वर्ष (365 दिन) बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर ली गयी हो।
- ऐसे बालक एवं बालिका की आयु प्रत्येक वर्ष की 01 जुलाई को कक्षावार निम्नवत् होनी चाहिए :-
- कक्षा 01 व 02 हेतु आयु सीमा 06 वर्ष से 08 वर्ष अधिकतम।
- कक्षा 03 से 05 हेतु आयु सीमा 08 वर्ष से 11 वर्ष अधिकतम।
- कक्षा 06 से 08 हेतु आयु सीमा 11 वर्ष से 14 वर्ष अधिकतम।
- कक्षा 09 से 12 हेतु आयु सीमा 14 वर्ष से 18 वर्ष अधिकतम।
- स्नातक एवं स्नातकोत्तर हेतु आयु सीमा 18 वर्ष से 25 वर्ष अधिकतम।
- किसी शासकीय शिक्षण संस्थान से मेडिकल के स्नातक (MBBS) एवं स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा हेतु आयु सीमा 25 वर्ष से 35 वर्ष अधिकतम।
- किसी भी विषय में अनुसंधान हेतु उक्त हितलाभ हेतु आयु सीमा 25 वर्ष से 35 वर्ष अधिकतम।
- भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), एवं राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अध्ययन हेतु आयु सीमा 25 वर्ष से 35 वर्ष अधिकतम।
- निर्माण श्रमिक के बालक / बालिकाओं का आधार प्रमाणीकरण उक्त योजना के हितलाभ हेतु आवश्यक होगा।
- शिक्षारत्त बालक / बालिका ऐसे शिक्षण संस्थान में अध्यनरत्त हो जो कि सरकार द्वारा विधिमान्य रूप से स्थापित किसी शिक्षा बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त हो।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो संतानों को हितलाभ देय होगा।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक के पुत्र / पुत्रियों को कक्षा-9, कक्षा-10, कक्षा-11 या कक्षा-12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत होने पर विद्यालय जाने हेतु साइकिल क्रय करते हुए, उक्त के सापेक्ष सब्सिडी प्राप्त करने हेतु पत्र होंगे।
आवश्यक अभिलेख
- छात्र / छात्रा के सम्बंधित कक्षा में उत्तीर्ण होने की अंकतालिका।
- आगामी कक्षा में प्रवेश की शुल्क रसीद।
- कक्षा 01 से 08 तक उत्तीर्ण छात्र / छात्राओं हेतु परिषदीय प्राथमिक विद्यालय / पूर्व माध्यमिक विद्यालय / राजकीय विद्यालयों में शिक्षारत छात्र / छात्राओं के उत्तीर्ण होने की स्थिति में अंक पत्रों की स्वप्रमाणित प्रति।
- कक्षा 09 से लेकर 12 तक बाउचर / विपत्र विद्यालय के प्राचार्य द्वारा डिग्री कक्षाओं में छात्र / छात्राओं के बाउचर / विपत्र उनके लिए अधिकृत सक्षम अधिकारी (Dean of Student Welfare/Provost) द्वारा भी प्रति हस्तांक्षरित किये जायेंगे। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में शिक्षारत्त छात्र / छात्रा का बाउचर उनके लिए सक्षम अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किये जायेंगे।
- पिछले 12 महीने में कम से कम दिन भवन एवं अन्य सन्निर्माण प्रक्रियाओं में कार्यरत होने का निर्धारित प्रारूप पर नियोजन / स्वघोषणा प्रमाण पत्र।
- योजना के अंतर्गत साइकिल प्रदान किये जाने हेतु उत्तीर्ण कक्षा की अंकतालिका एवं प्रवेशित अगली कक्षा की शुल्क रसीद, प्रवेशित व शिक्षारत्त होने का प्रमाण पत्र शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य / सक्षम अधिकारी से प्राप्त कर उपलब्ध कराना होगा। उoप्रo से भिन्न राज्य में पुत्र / पुत्रियों के अध्यनरत्त होने की दशा में अंकतालिका एवं प्रवेशित अगली कक्षा से सम्बंधित प्रमाण पत्र को सम्बंधित जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक अथवा समकक्ष अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित भी किया जायेगा।
- पंजीकृत श्रमिक / आवेदक द्वारा राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन संचालित समान प्रकार की योजना में हितलाभ प्राप्त न होने का स्वघोषणा पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य होगा।
देय हितलाभ
- केवल दो बच्चों तक ही हितलाभ देय।
- कक्षा 1 से 5 तक रू0 2000/- एकमुश्त, 6 से 10 तक रू0 2500/- एकमुश्त, कक्षा 11 व 12 रू0 3000/- एकमुश्त देय।
- कक्षा 9, कक्षा 10, कक्षा 11 एवं कक्षा 12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत होने पर विद्यालय जाने हेतु निर्माण श्रमिक के पुत्र / पुत्रियों को केवल एक बार ही साइकिल क्रय किये जाने हेतु प्रदान की जाने वाली सब्सिडी अनुमन्य होगी।
- स्नातक पाठ्यक्रम या उसके समकक्ष रू0 12000/- एकमुश्त
- आई0 टी0आई0, पॉलिटेक्निक, Vocational course रू0 12000/- एकमुश्त
- Professional degree course (ऐसे कोर्स जिनकी अवधि 02 वर्ष या 02 वर्ष से अधिक हो) जैसे -
- Management - MBA, BBA
- Engineering - B.Tech and B.Arch, M.Tech, ME, BE
- Computer Application - BCA, MCA
- Fine Arts - BFA
- Education - B.Ed, B.P.Ed, C.P.Ed, M.Ed
- Designing - Fashion/Interior/Web
- Mass Communication/Journalism - BJMC
- Pharmacy - B.Pharma, M.Pharma
- Hospitality - Hotel Management
- Medical - B.D.S, B.A.M.S, B.H.M.S, B.U.M.S
- Nursing - B.Sc, M.Sc
- Finance - B.Com/CA/CFA/CS
- Architecture - B.Arch
- Law - LLB, LLM
- Agriculture
- भुगतान किये जाने वाले शुल्क / रू0 60000/- एकमुश्त जो भी कम हो की धनराशि देय होगी
- स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम हेतु रू0 24000/- एकमुश्त
- किसी शासकीय शिक्षण संस्थान से मेडिकल के स्नातक (MBBS) एवं स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा हेतु उक्त हितलाभ हेतु 25 वर्ष की आयु सीमा भी शिथिल रहेगी तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी। भुगतान किये जाने वाले शुल्क का शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी।
- किसी भी विषय में अनुसन्धान हेतु उक्त हितलाभ हेतु 25 वर्ष की आयु सीमा भी शिथिल रहेगी तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी। रू0 100000/- एकमुश्त
- भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) एवं राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अध्ययन हेतु भुगतान किये जाने वाले शुल्क की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी तथा उक्त हितलाभ हेतु 25 वर्ष की आयु सीमा भी शिथिल रहेगी तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी।
- हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने तथा अगली कक्षा में प्रवेश लेने की स्थिति में प्रोत्साहन के रूप में बालकों को रू0 5000/- एवं बालिकाओं को रू0 8000/- अतिरिक्त धनराशि एकमुश्त देय होगी।
- स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षा 60 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने तथा अगली कक्षा में प्रवेश लेने की स्थिति में प्रोत्साहन के रूप में बालकों को रू0 10000/- एवं बालिकाओं को रू0 12000/- अतिरिक्त धनराशि एकमुश्त देय होगी। स्नातकोत्तर डिग्री की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अगली कक्षा में प्रवेश लेने की शर्त लागू नहीं होगी।
पात्रता
- इस योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चे एवं ऐसे अद्यतनीकृत रूप से विधिवत पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो पंजीयन के उपरांत कम से कम 05 वर्ष बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर चुके हों, उनके बच्चे पात्र होंगे।
- योजना के अंतर्गत पंजीकृत कामगार के अधिकतम 02 बच्चे विद्यालय में अध्ययन करने हेतु पात्र होंगे।
विद्यालय संचालन की रूप रेखा
- इन विद्यालयों में शिक्षा का पाठ्यक्रम सी.oबीoएसoईo बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम से नवोदय विद्यालय की भाँति किया जायेगा।
- प्रत्येक विद्यालय की छात्र क्षमता 1000 की होगी, जिसमें 500 छात्र एवं 500 छात्राएं होंगी।
- प्रत्येक वर्ष निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बेसहारा बच्चों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का मेरिट के अनुसार विद्यालयों में प्रवेश लिया जायेगा।
विद्यालयों में प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ
- विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण छात्रावास, खान-पान, खेलकूद, चिकित्सा, सुरक्षा आदि सुविधा जैसे की अटल आवासीय विद्यालय समिति द्वारा नियत की जाये, प्रदान किये जाने का उत्तरदायित्व विद्यालय प्रबन्धन समिति का होगा।
पात्रता
- इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 06 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल एवं माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है।
- पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों के ऐसे पुत्र/पुत्रियां, जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य हैं, आवासीय विद्यालयों में प्रवेश पाने के पात्र होंगे।
आवश्यक अभिलेख
- पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति
- अद्यतन अंशदान जमा होने का साक्ष्य
देय हितलाभ
- पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों के ऐसे पुत्र/पुत्रियां, जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य हैं, हेतु निःशुुल्क आवासीय शिक्षा।
- निःशुल्क आवास, वस्त्र, भोजन एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध।
- प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित।
- अटल आवायीय विद्यालयों के प्रारम्भ होने के उपरान्त उनमें विलय।
पात्रता
- आवेदक स्वयं अथवा उसका पति/पत्नी/ पिता पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो तथा उसका अंशदान अद्यतन जमा हो।
- यदि पंजीकृत श्रमिक स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है, तो उसकी आयु 18-35 के मध्य हो।
- आश्रितों के सन्दर्भ में उसकी पत्नी की कोई आयु सीमा नियत नहीं है। अविवाहित पुत्री की कोई अधिकतम आयु सीमा नियत नहीं है। आश्रित पुत्र की अधिकतम आयु 21 वर्ष है।
आवश्यक अभिलेख
- पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति
- अद्यतन अंशदान जमा होने का साक्ष्य
- जिस विधा में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, उससे सम्बन्धित आवेदन पत्र।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।
- पंजीकृत श्रमिक द्वारा स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त करने की दशा में अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी।
- प्रशिक्षण के उपरान्त मूल्याॅंकन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
पात्रता
- निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरान्त कम से कम 365 दिन बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर ली गयी हो।
- विवाह सम्पन होने के 1 वर्ष के भीतर एवं सामूहिक विवाह की स्थिति में 15 दिन पूर्व आवेदन का प्रावधान किया गया है।
- लाभार्थी श्रमिक की पुत्री एवं वर का आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है।
- हितलाभ 2 संतानो की सीमा के अधीन सीमित कर दिया गया है।
- प्रशनगत पुत्री तथा प्रस्तावित वर द्वारा क्रमशः 18 वर्ष एवं 21 वर्ष (आयु जैसा समय समय पर सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा से कम आयु नही होनी चाहिए) निर्धारित आयु पूर्ण करने के पश्च्चात उक्त योजना का हितलाभ अनुमन्य होगा।
आवश्यक अभिलेख
- सम्बंधित पुत्री एवं वर की आयु के सम्बन्ध में जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट / परिवार रजिस्टर की स्वप्रमाणित प्रति
- विवाह कार्ड स्थानीय ग्राम प्रधान / तहसीलदार / सभासद / पार्षद द्वारा प्रमाणित एवं सत्यापित हो
- पुत्री यदि गोद ली गयी है, तो उससे सम्बंधित यथा प्रमाणित अभिलेख
- लाभार्थी पंजीकृत श्रमिक के कुटुंब रजिस्टर / राशन कार्ड अथवा इसके समतुल्य अभिलेख की स्वप्रमाणित प्रति
- विवाह होने सम्बन्धी (वर-वधु) का फोटोग्राफ जो कि श्रमिक द्वारा प्रमाणित हो
- पिछले 12 महीने में कम से कम 90 दिन भवन एवं सन्निर्माण प्रक्रियाओं में कार्यरत होने का निर्धारित प्रारूप पर नियोजन / स्वघोषणा प्रमाण पत्र
- पंजीकृत श्रमिक द्वारा राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन संचालित समान प्रकार की योजना में हितलाभ प्राप्त न होने का स्वघोषणा पत्र संलग्न कराना अनिवार्य होगा
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक को समस्त अर्हताओं की पूर्ती की स्तिथि में उसकी पुत्री अथवा पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु रुo 65,000 /- (रुपये पैंसठ हज़ार मात्र) की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा अंतर्जातीय विवाह हेतु रुo 75,000 /- (रुपये पचहत्तर हज़ार मात्र) की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी।
- सामूहिक विवाह की स्तिथि में न्यूनतम 11 जोडों के विवाह एक साथ एक स्थल पर आयोजित होने की दशा में पुत्री विवाह हेतु रु0 85,000 (₹85,000 (पचासी हज़ार रुपये मात्र) की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा सामूहिक विवाह आयोजन में होने वाले व्यय हेतु रुo 15000 /- प्रति जोडे की दर से भुगतान बोर्ड द्वारा आयोजनकर्ता को किया जाएगा।एवं यदि दोनों पक्षों में से कोई भी एक पक्ष उपस्थित नही होता है, तो ऐसी दशा में सामान्य / अंतर्जातीय विवाह (जैसी भी स्थिति हो) में देय धनराशि में पोशाक हेतु अग्रिम के रूप में भुगतान की गयी धनराशि का समायोजन कर लिया जाएगा।
- पंजीकृत महिला श्रमिकों के स्वयं के विवाह की दशा में भी उपरोक्तानुसार हितलाभ की धनराशि इस शर्त के साथ देय होगी कि उसके पिता / माता द्वारा इस मद में धनराशि प्राप्त न की गयी हो। पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक के पुनर्विवाह की स्थिति में यह हितलाभ केवल उसी दशा में देय होगा जबकि उसका विवाह-विच्छेद वैधानिक रूप से हुआ हो अथवा उसके पति की मृत्यु हो जाने पर उसके द्वारा पुनर्विवाह किया जा रहा हो। विवाह-विच्छेद के प्रकरणों में सक्षम अधिकारिता के न्यायालय के निर्णय की सत्यापित प्रतिलिपि तथा पति की मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले पुनर्विवाह की दशा में सक्षम स्तर से निर्गत पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक अभिलेख के रूप में वांछित होंगे। पुनर्विवाह के प्रकरणों में देय हितलाभ की धनराशि सामूहिक विवाहों के प्रकरणों में देय धनराशि के समतुल्य होगी।
पात्रता
- अद्यतन पंजीकृत श्रमिक
- ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनके अपने आवास हैं कितु उनमें शौचालय की सुविधा नहीं है और उसे किसी अन्य सरकारी योजना में इस प्रकार का लाभ प्राप्त न हुआ हो।
- परिवार ‘‘एक ईकाई’’ के रूप में लिया जायेगा।
- लाभार्थी के पास आधार पंजीयन एव राश्ट्रीकृत बैंक में सी0बी0एस0 ब्रान्च में एकाउन्ट होना अनिवार्य है।
आवश्यक अभिलेख
- अद्यतन पंजीकृत होने का प्रमाण-पत्र
- किसी भी अन्य योजना में शौचालय निर्माण सुविधा का लाभ न प्राप्त होने तथा परिवार के पास पक्का मकान न होने के सम्बन्ध में घोषणा पत्र
- आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की प्रतिलिपि योजना का कार्यान्वयन जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- आवेदन करने पर रू0 12,000 की राशि 02 समान किस्तों में देय। प्रथम किस्त रू0 6,000 प्रोत्साहन अग्रिम के रूप में देय तथा दूसरी किस्त निर्माण पूर्ण होने तथा शौचालय का प्रयोग प्रारम्भ करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से देय।
- श्रमिकों का चयन जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पंजीकृत श्रमिकों की सूची में से बेसलाइन सर्वें से मिलान करने के उपरान्त।
- भुगतान लाभार्थी के बैंक खातों में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा हस्तान्रित किया जायेगा।
पात्रता
- अद्यतन रूप से पंजीकृत श्रमिक।
- कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुये बनायी गयी योजना।
आवश्यक अभिलेख
- पूर्णतया पेपर-लेस स्कीम।
- कोई आवेदन पत्र वांछित नहीं।
- डाटाबेस में आधार संख्या तथा बैंक खाते का विवरण उपलब्ध होना।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- अद्यतन पंजीकृत निर्माण श्रमिक को एकमुश्त रू0 1000/- की धनराशि वार्षिक/अर्द्धवार्षिक/त्रैमासिक/ मासिक के रूप में, जैसा कि केन्द्र/राज्य सरकार अथवा बोर्ड द्वारा विहित किया जाये, आर्थिक सहायता के रूप में बैंक खातों में देय होगी।
पात्रता
- उ0प्र0 में स्थायी रूप से निवास कर रहे 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अद्यतन पंजीकृत श्रमिक।
- पंजीयन की न्यूनतम अवधि 10 वर्ष हो।
- लाभार्थी को केन्द्र/ राज्य सरकार के किसी भी विभाग द्वारा संचालित किसी भी पेन्शन योजना (राज्य कर्मचारी बीमा निगम तथा म्च्थ्व् को छोड़कर) का लाभ प्राप्त न हो रहा हो।
पेंशन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा स्वीकृत की जायेगी तथा सीधे बोर्ड द्वारा भुगतान होगा।
आवश्यक अभिलेख
- 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक अद्यतन अंशदान जमा किये जाने का साक्ष्य।
- आधार कार्ड, बैंक पास बुक व निवास प्रमाण-पत्र की पठनीय छायाप्रति।
- केन्द्र/राज्य सरकार के किसी भी विभाग से पेन्शन प्राप्त न किये जाने के सन्दर्भ में शपथ-पत्र
- प्रतिवर्ष माह अप्रैल में जीवित प्रमाण पत्र देय होगा।
- पेंशनधारक की मृत्यु की दशा में उसके परिवारीजनों को 01 माह के अन्दर जिला श्रम कार्यालय को सूचित करना होगा।
देय हितलाभ
- प्रत्येक पात्र श्रमिक को प्रतिमाह की दर से 1,000/- की धनराशि देय है।
- लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेन्शन की धनराशि उसकी पत्नी/ पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी।
- पेन्शन राशि में प्रत्येक 02 वर्ष बाद रू0-50 की वृद्धि, जो अधिकतम रू0-1250 तक होगी।
- प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना में पंजीकृत श्रमिकों के अंशदान का वहन बोर्ड द्वारा किया जायेगा।
पात्रता
- अद्यतन पंजीकृत श्रमिक।
- ऐसे श्रमिक जो प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना एवं मुख्यमन्त्री जन-आरोग्य योजना में हितलाभ हेतु पात्र नहीं हैं।
- योजना में पंजीकृत श्रमिक तथा उसकी पति/ पत्नी, अविवाहित पुत्रियाॅं एवं 21 वर्ष से कम आयु के पुत्र सम्मिलित हैं।
आवश्यक अभिलेख
- अद्यतन पंजीकृत होने का साक्ष्य
- बीमारी से सम्बन्धित अभिलेख
- नियत प्रारूप पर चिकित्सक का प्रमाण पत्र
- दवाईयों के क्रय पर मूल बिल
- अविाहित पुत्री या 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र होने पर आश्रित होने का प्रमाण-पत्र।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- सरकारी/ स्वायत्तशासी चिकित्सालयों अथवा SACHIS के इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में अलाज कराने पर आयुष्मान भरत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति।
- चिकित्सा/शल्यक्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का इस्टीमेट दिये जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है।
- कोई अधिकतम राशि नियत नहीं।
पात्रता
- इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप दिव्यांगता की स्थिति में वे सभी श्रमिक पात्र होंगे, जो पंजीकृत एवं अद्यतन रूप से नवीनीकृत हैं।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रित हितलाभ हेतु पात्र होंगे। आश्रित से तात्पर्य प्रथमत: सहायता राशि का भुगतान लाभार्थी श्रमिक के पति अथवा पत्नी (जैसे भी स्थिति हो), को द्वितीयत: लाभार्थी श्रमिक के वयस्क पुत्र / अविवाहित वयस्क पुत्री एवं उनके अनुपलब्ध होने पर लाभार्थी श्रमिक पर आश्रित माता / पिता और अंतत: लाभार्थी श्रमिक के अवयस्क पुत्रों अथवा पुत्रियों को किया जायेगा, परन्तु प्रतिबन्ध यह है कि यह सहायता आत्महत्या जैसी स्थिति में अनुमन्य नहीं होगी।
- हत्या, सर्पदष, बिजली गिरने, प्रसव के कारण होने वाली मृत्यु एवं अन्य दैवीय आपदा की स्थिति में हुई मृत्यु को सामान्य मृत्यु मानते हुए तदनुसार हितलाभ अनुमन्य होगा।
- निर्माण श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में आश्रित द्वारा आवेदन करने पर आश्रित का आधार प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।
आवश्यक अभिलेख
- ऑनलाइन जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति।
- आवेदक के आधार लिंक बैंक खाते के पासबुक की छायाप्रति।
- आवेदक के आधार कार्ड की छायाप्रति।
- प्राथमिक सूचना रिपोर्ट / पंचनामा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु तथा अपंजीकृत श्रमिक की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना में मृत्यु की दशा में)।
- दिव्यांगता की स्थिति में मुख्या चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र एवं प्रथम सूचना रिपोर्ट / चिकित्सीय प्रमाण पत्र।
- पंजीकृत श्रमिक / आवेदक द्वारा राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन संचालित समान प्रकार की योजना में हितलाभ प्राप्त न होने का स्वघोषणा पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य होगा।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
देय हितलाभ
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि व्यय ₹25000/- का भुगतान आवेदक को एकमुश्त किया जायेगा तथा हितलाभ धनराशि ₹05 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹9395/-, जो 05 वर्ष (60 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि व्यय ₹25000/- का भुगतान आवेदक को एकमुश्त किया जायेगा तथा हितलाभ धनराशि ₹02 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8736/-, जो 02 वर्ष (24 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।
- अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में ₹01 लाख की स्वीकृति की जाएगी, जिसे एकमुश्त आवेदक को प्रदान किया जायेगा। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (100 प्रतिशत) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹04 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹9172/-, जो 04 वर्ष (48 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत से कम) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹03 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8953/-, जो 03 वर्ष (36 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत से कम) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹02 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8736/-, जो 02 वर्ष (24 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।
पात्रता
- बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी निर्माण श्रमिकों एवं जनमानस को प्रदान करने के साथ श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण के सम्बन्ध में श्रमिकों को जागरूक करने हेतु भारत सरकार की माडल वेलफेयर स्कीम के अन्तर्गत बनायी गयी योजना।
- निर्माण श्रमिकों के जागरूकता हेतु ऐसा आयोजन जो विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों पर केन्द्रित होना चाहिए, जिसमें श्रम विभाग की पूर्ण सहभागिता हो तथा जिसमें जनपदस्तर पर श्रमिकों के पंजीयन एवं लाभ वितरण का कार्यक्रम आयोजित होना चाहिये, में सचिव, बोर्ड की पूर्व स्वीकृति के उपरान्त हुये व्यय की प्रतिपूर्ति का प्राविधान। आयोजनों में होने वाले व्यय की 25 प्रतिशत राशि अग्रिम भी दी जा सकती है।
- प्रचार प्रसार हेतु एस0एम0एस0, वीडियो क्लिपिंग, वाल-राईटिंग, होर्डिंग्स, पम्फलेट, जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक आदि का आयोजन कराया जा सकता है।
- जागरूकता अभियानों में किसी भी सरकारी अधिकारी/जन प्रतिनिधि के नाम एवं तस्वीर का प्रयोग नहीं किया जायेगा।
नोट:- सभी योजनाओं में आवेदन करने की समय-सीमा 01 वर्ष नियत है।